क्रिप्टो रोबोट

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार
विदेशी मुद्रा भंडार में फिर 537.518 अरब डॉलर की गिरावट (File Photo)

Forex Reserves: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार दो वर्षों के न्यूनतम स्तर पर, स्वर्ण भंडार भी घटा, एसडीआर बढ़ा

Forex Reserves: 14 अक्तूबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार 528.367 बिलियन डॉलर था। आरबीआई के ताजा आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (Foreign Currency Assets) में 3.59 बिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 465.075 बिलियन अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया।

फॉरेक्स

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बीते 21 अक्तूबर को घटकर दो वर्षों के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है 524.520 बिलियन डॉलर हो गया है। उससे एक हफ्ते पहले की तुलना में विदेशी मुद्रा भंडार में 3.85 बिलियन डॉलर की कमी दर्ज की गई। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार इससे पहले 14 अक्तूबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार 528.367 बिलियन डॉलर था। बता दें कि दो वर्ष पहले भारत का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 577.00 बिलियन डॉलर था।

आरबीआई के ताजा आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (Foreign Currency Assets) में 3.59 बिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 465.075 बिलियन अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया।

देश का स्वर्ण भंडार (गाेल्ड रिजर्व) इस दौरान 247 मिलियन डॉलर की गिरावट के साथ 37.206 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि, आरबीआई के आंकड़ों से पता चलता है कि समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में भारत के विशेष आहरण अधिकार (Special Drawing Rights, एसडीआर) का मूल्य 70 लाख डॉलर बढ़कर 17.440 अरब डॉलर हो गया।

बता दें कि बीते कुछ महीनों में विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट दिख रही है क्योंकि आरबीआई के बाजार में बढ़ते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट को थामने के लिए संभवतः हस्तक्षेप करता है। वहीं दूसरी ओर, आयातित वस्तुओं की बढ़ती लागत ने भी व्यापार निपटान के लिए विदेशी मुद्रा भंडार की उच्च आवश्यकता को जरूरी बना दिया है, इससे इसमें कमी आ रही है।

प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से भारतीय रुपया पिछले कुछ हफ्तों में कमजोर होकर नए सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया है। पिछले हफ्ते रुपया इतिहास में पहली बार डॉलर के मुकाबले 83 रुपये के स्तर को पार कर गया था। इस साल अब तक रुपये में करीब 10-12 फीसदी तक की गिरावट आई है।

आमतौर पर रुपये में भारी गिरावट को रोकने के लिए आरबीआई डॉलर की बिक्री सहित तरलता प्रबंधन के माध्यम से बाजार में हस्तक्षेप करता है। फरवरी के अंत में रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगभग 100 बिलियन अमरीकी डालर की गिरावट आ गई थी। ऐसा वैश्विक स्तर पर ऊर्जा और अन्य वस्तुओं भारत का विदेशी मुद्रा भंडार का आयात महंगा होने के कारण हुआ था। पिछले 12 महीनों के दौरान संचयी आधार पर विदेशी मुद्रा भंडार में लगभग 115 बिलियन अमेरीकी डालर की गिरावट आ चुकी है।

विस्तार

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बीते 21 अक्तूबर को घटकर दो वर्षों के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है 524.520 बिलियन डॉलर हो गया है। उससे एक हफ्ते पहले की तुलना में विदेशी मुद्रा भंडार में 3.85 बिलियन डॉलर की कमी दर्ज की गई। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार इससे पहले 14 अक्तूबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार 528.367 बिलियन डॉलर था। बता दें कि दो वर्ष पहले भारत का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 577.00 बिलियन डॉलर था।

आरबीआई के ताजा आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (Foreign Currency Assets) में 3.59 बिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 465.075 बिलियन अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया।

देश का स्वर्ण भंडार (गाेल्ड रिजर्व) इस दौरान 247 मिलियन डॉलर की गिरावट के साथ 37.206 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि, आरबीआई के आंकड़ों से पता चलता है कि समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में भारत के विशेष आहरण अधिकार (Special Drawing Rights, एसडीआर) का मूल्य 70 लाख डॉलर बढ़कर 17.440 अरब डॉलर हो गया।

बता दें कि बीते कुछ महीनों में विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट दिख रही है क्योंकि आरबीआई के भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बाजार में बढ़ते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट को थामने के लिए संभवतः हस्तक्षेप करता है। वहीं दूसरी ओर, आयातित वस्तुओं की बढ़ती लागत ने भी व्यापार निपटान के लिए विदेशी मुद्रा भंडार की उच्च आवश्यकता को जरूरी बना दिया है, इससे इसमें कमी आ रही है।

प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से भारतीय रुपया पिछले कुछ हफ्तों में कमजोर होकर नए सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया है। पिछले हफ्ते रुपया इतिहास में पहली बार डॉलर के मुकाबले 83 रुपये के स्तर को पार कर गया था। इस साल अब तक रुपये में करीब 10-12 फीसदी तक की गिरावट आई है।

आमतौर पर रुपये में भारी गिरावट को रोकने के लिए आरबीआई डॉलर की बिक्री सहित तरलता प्रबंधन के माध्यम से बाजार में हस्तक्षेप करता है। फरवरी के अंत में रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगभग 100 बिलियन अमरीकी डालर की गिरावट आ गई थी। ऐसा वैश्विक स्तर पर ऊर्जा और अन्य वस्तुओं का आयात महंगा होने के कारण हुआ था। पिछले 12 महीनों के दौरान संचयी आधार पर विदेशी मुद्रा भंडार में लगभग 115 बिलियन अमेरीकी डालर की गिरावट आ चुकी है।

Foreign Currency Reserve: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार 8वें सप्ताह घटा अपना विदेशी मुद्रा भंडार, जानिए अब कितना रह गया

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserve) में लगातार कमी हो रही है। यह लगातार 8वां सप्ताह है, जबकि इसमें कमी हुई है। इससे पहले बीते जुलाई में भी लगातार चार सप्ताह तक इसमें कमी हुई थी। इसके बाद महज एक सप्ताह इसमें बढ़ोतरी हई थी। इसके बाद 5 अगस्त, 12 अगस्त, 19 अगस्त, 26 अगस्त, 2 सितंबर, 9 सितंबर, 16 सितंबर और 23 सितंबर 2022 को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में फिर कमी हुई है। इस बार, मतलब 23 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान इसमें 8.134 अरब डॉलर की कमी हुई है।

Foreign exchange reserves fall again by dollar 537.518 billion (File Photo)

विदेशी मुद्रा भंडार में फिर 537.518 अरब डॉलर की गिरावट (File Photo)

हाइलाइट्स

  • भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार 8वें सप्ताह घटा है
  • बीते 23 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 8.134 अरब डॉलर की कमी हुई
  • अब देश में 537.518 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार रह गया है
  • अगस्त 2020 के बाद यह न्यूनतम स्तर है

फॉरेन करेंसी असेट भी घटे
बीते 23 सितंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में आई गिरावट का मुख्य कारण फॉरेन करेंसी असेट (Foreign Currency Asset) का घटना है। यह कुल मुद्रा भंडार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आरबीआई के शुक्रवार को जारी किये गये भारत के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन सप्ताह में विदेशी मुद्रा अस्तियां (FCA) 7.688 अरब डॉलर घटकर 477.212 अरब डॉलर रह गया। डॉलर में अभिव्यक्त विदेशी मुद्रा भंडार में रखे जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में मूल्यवृद्धि अथवा मूल्यह्रास के प्रभावों को शामिल किया जाता है।

स्वर्ण भंडार में भी हुई कमी
आंकड़ों के अनुसार, आलोच्य सप्ताह में स्वर्ण भंडार (Gold Reserve) में भी कमी हुई है। अब इसका मूल्य 30 करोड़ डॉलर घटकर 37.886 अरब डॉलर पर आ गया है।

Navbharat Times News App: देश-दुनिया की खबरें, आपके शहर का हाल, एजुकेशन और बिज़नेस अपडेट्स, फिल्म और खेल की दुनिया की हलचल, वायरल न्यूज़ और धर्म-कर्म. पाएँ हिंदी की ताज़ा खबरें डाउनलोड करें NBT ऐप

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में तेज गिरावट, करीब $4 अरब लुढ़ककर 2 साल से भी अधिक के न्यूनतम स्तर पर पहुंचा

भारत का फॉरेक्स का रिजर्व गिरकर 524 अरब डॉलर पर पहुंचा.

पिछले कई महीनों से विदेशी मुद्रा भंडार में कमी होती देखी जा रही है. जबकि एक साल पहले अक्टूबर 2021 में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 624 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated : October 29, 2022, 07:16 IST

हाइलाइट्स

भारत का फॉरेक्स रिजर्व 21 अक्टूबर को खत्म सप्ताह में 3.85 अरब डॉलर गिरा.
फॉरेन करेंसी एसेट्स (एफसीए) में 3.593 अरब डॉलर की गिरावट आई.
अप्रैल से सितंबर तक चीन के फॉरेक्स रिजर्व में सबसे अधिक गिरावट देखी गई है.

नई दिल्ली. भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) 21 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 3.847 अरब डॉलर घटकर 524.52 अरब डॉलर रह गया. विदेशी मुद्रा भंडार इस गिरावट के साथ जुलाई 2020 के बाद अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है. इससे पिछले सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 4.50 अरब डॉलर घटकर 528.37 अरब डॉलर रह गया था. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से शुक्रवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली.

पिछले कई महीनों से विदेशी मुद्रा भंडार में कमी होती देखी जा रही है. जबकि एक साल पहले अक्टूबर 2021 में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 624 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था. देश के फॉरेक्स रिजर्व में गिरावट आने का मुख्य कारण यह है कि रुपये की गिरावट को रोकने के लिए केन्द्रीय बैंक मुद्रा भंडार से डॉलर बेच रहा है.

अन्य एसेट्स में भी गिरावट
रिजर्व बैंक द्वारा शुक्रवार को जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, 21 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में मुद्राभंडार का महत्वपूर्ण घटक मानी जाने वाली, फॉरेन करेंसी एसेट्स (एफसीए) 3.593 अरब डॉलर घटकर 465.075 अरब डॉलर रह गयीं. आंकड़ों के अनुसार, देश का गोल्ड रिजर्व (मूल्य में) 24.7 करोड़ डॉलर घटकर 37,206 अरब डॉलर रह गया.

रुपये में गिरावट को रोकने का प्रयास
इसी हफ्ते भारतीय ने अपना अब तक का सबसे निचला स्तर देखा और डॉलर के मुकाबले ये 83.29 के स्तर पर पहुंच गया. आरबीआई को इस गिरावट को रोकने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा जिसके बाद 27 अक्टूबर को इसमें थोड़ी बढ़त देखने को मिली. हालांकि, शुक्रवार को एक बार फिर रुपया लुढ़का और पिछले बंद के मुकाबले 14 पैसे गिरकर 82.47 के स्तर पर बंद हुआ. 27 अक्टूबर को रुपया 48 पैसे उछलकर 82.33 के स्तर पर बंद हुआ था.

अन्य अर्थव्यवस्थाओं की स्थिति भी खराब
वैश्विक परिस्थितियों के कारण लगभग हर देश के केंद्रीय ने ब्याज दरों में वृद्धि की है ताकि महंगाई रोकी भारत का विदेशी मुद्रा भंडार जा सके. आयात महंगा होने के कारण विभिन्न देशों का फॉरेक्स घट रहा है. सर्वाधिक नुकसान चीन को हुआ है. इस सा 1 अप्रैल से लेकर 30 सितंबर तक चीन का फॉरेक्स रिजर्व 159 अरब डॉलर घटा है. इसके बाद भारत और रूस का स्थान है. इस समयावधि में भारत का फॉरेक्स रिजर्व 85 अरब डॉलर और रूस का विदेशी मुद्रा भंडार 64 अरब डॉलर घटा है. आईएमएफ ने कहा है कि वैश्विक मुद्रा भंडारों में कुल 884 अरब डॉलर की गिरावट आई है. बकौल आईएमएफ, पहले सात महीनों में उभरती अर्थव्यवस्थाओं का विदेशी मुद्रा भंडार 6 फीसदी से अधिक गिरा है.

ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|

Foreign Exchange Reserves: नौ सप्ताह बाद मिली राहत, विदेशी मुद्रा भंडार में आया उछाल, सोने में तेजी का मिला फायदा

Foreign Exchange Reserves: लगातार नौ सप्ताह की गिरावट के बाद विदेशी मुद्रा भंडार में सात अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 20.4 करोड़ डॉलर का उछाल दर्ज किया गया और यह 532.868 अरब डॉलर पर पंहुच गया.

Foreign Exchange Reserves: लगातार नौ सप्ताह तक विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट आई जिसके बाद बीते सप्ताह इसमें तेजी आई है. भारत का विदेशी मुद्रा भंडार सात अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 20.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 532.868 अरब डॉलर पर पंहुच गया. भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक सुरक्षित सोने के भंडार का मूल्य बढ़ने से विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि हुई है. इसके पिछले हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 4.854 अरब डॉलर घटकर 532.664 अरब डॉलर पर आ गया था.

अक्टूबर 2021 में डॉलर रिजर्व 645 बिलियन डॉलर था

देश का विदेशी मुद्रा भंडार पिछले कई हफ्तों से लगातार गिर रहा था. दरअसल तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में डॉलर के मुकाबले तेजी से गिरते रुपए को संभालने के लिए आरबीआई ने इस विदेशी मुद्रा भंडार के एक हिस्से का इस्तेमाल किया है. एक साल पहले अक्टूबर 2021 में देश का विदेश मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था. आरबीआई की तरफ से जारी साप्ताहिक सांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार, सात अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा आस्तियां (एफसीए) 1.311 अरब डॉलर घटकर 471.496 अरब डॉलर रह गयीं. एफसीए असल में समग्र भंडार का एक प्रमुख हिस्सा होता है.

गोल्ड रिजर्व की वैल्यु बढ़कर 38.955 अरब डॉलर

डॉलर के संदर्भ में एफसीए में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में वृद्धि या मूल्यह्रास का प्रभाव शामिल है. आरबीआई ने कहा कि सात अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में सोने के सुरक्षित भंडार के मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि होने से विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ा है. इस दौरान सोने के सुरक्षित भंडार का मूल्य 1.35 अरब डॉलर बढ़कर 38.955 अरब डॉलर पर आ गया. केंद्रीय बैंक के अनुसार, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 15.5 करोड़ डॉलर की गिरावट के साथ 17.582 अरब डॉलर रह गया है. इसके अलावा समीक्षाधीन सप्ताह में अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष के पास रखी भारत की आरक्षित निधि 10 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.836 अरब अमेरिकी डॉलर हो गई.

रुपए पर अभी बना रहेगा दबाव

इधर डॉलर के मुकाबले रुपए के प्रदर्शन को लेकर मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के मुद्रा और सर्राफा विश्लेषक गौरांग सोमैया ने कहा, ‘‘अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपए के 82.10 से 82.6 प्रति डॉलर के दायरे में कारोबार करने की उम्मीद है.’’

डॉलर इंडेक्स फिर से 113 के पार

बीते सप्ताह डॉलर इंडेक्स 113.31 के स्तर पर बंद हुआ. आखिरी कारोबारी सत्र में तेल में गिरावट दर्ज की गई. ब्रेंट क्रूड बीते सप्ताह 91.63 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बंद हुआ. WTI क्रूड 85.61 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बंद हुआ. इसके अलावा, बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार को 684 अंक या 1.20 फीसदी की मजबूती के साथ 57920 अंक पर पंहुचा गया तथा निफ्टी में भी 171.35 अंक की बढ़त रही.

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में तेज गिरावट, करीब $4 अरब लुढ़ककर 2 साल से भी अधिक के न्यूनतम स्तर पर पहुंचा

भारत का फॉरेक्स का रिजर्व गिरकर 524 अरब डॉलर पर पहुंचा.

पिछले कई महीनों से विदेशी मुद्रा भंडार में कमी होती देखी जा रही है. जबकि एक साल पहले अक्टूबर 2021 में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 624 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated : October 29, 2022, 07:16 IST

हाइलाइट्स

भारत का फॉरेक्स रिजर्व 21 अक्टूबर को खत्म सप्ताह में 3.85 अरब डॉलर गिरा.
फॉरेन करेंसी एसेट्स (एफसीए) में 3.593 अरब डॉलर की गिरावट आई.
अप्रैल से सितंबर तक चीन के फॉरेक्स रिजर्व में सबसे अधिक गिरावट देखी गई है.

नई दिल्ली. भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) 21 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 3.847 अरब डॉलर घटकर 524.52 अरब डॉलर रह गया. विदेशी मुद्रा भंडार इस गिरावट के साथ जुलाई 2020 के बाद अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है. इससे भारत का विदेशी मुद्रा भंडार पिछले सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 4.50 अरब डॉलर घटकर 528.37 अरब डॉलर रह गया था. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से शुक्रवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली.

पिछले कई महीनों से विदेशी मुद्रा भंडार में कमी होती देखी जा रही है. जबकि एक साल पहले अक्टूबर 2021 में देश का विदेशी भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मुद्रा भंडार 624 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था. देश के फॉरेक्स रिजर्व में गिरावट आने का मुख्य कारण यह है कि रुपये की गिरावट को रोकने के लिए केन्द्रीय बैंक मुद्रा भंडार से डॉलर बेच रहा है.

अन्य एसेट्स में भी गिरावट
रिजर्व बैंक द्वारा शुक्रवार को जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, 21 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में मुद्राभंडार का महत्वपूर्ण घटक मानी जाने वाली, फॉरेन करेंसी एसेट्स (एफसीए) 3.593 अरब डॉलर घटकर 465.075 अरब डॉलर रह गयीं. आंकड़ों के अनुसार, देश का गोल्ड रिजर्व (मूल्य में) 24.7 करोड़ डॉलर घटकर 37,206 अरब डॉलर रह गया.

रुपये में गिरावट को रोकने का प्रयास
इसी हफ्ते भारतीय ने अपना अब तक का सबसे निचला स्तर देखा और डॉलर के मुकाबले ये 83.29 के स्तर पर पहुंच गया. आरबीआई को इस गिरावट को रोकने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा जिसके बाद 27 अक्टूबर को इसमें थोड़ी बढ़त देखने को मिली. हालांकि, शुक्रवार को एक बार फिर रुपया लुढ़का और पिछले बंद के मुकाबले 14 पैसे गिरकर 82.47 के स्तर पर बंद हुआ. 27 अक्टूबर को रुपया 48 पैसे उछलकर 82.33 के स्तर पर बंद हुआ था.

अन्य अर्थव्यवस्थाओं की स्थिति भी खराब
वैश्विक परिस्थितियों के कारण लगभग हर देश के केंद्रीय ने ब्याज दरों में वृद्धि की है ताकि महंगाई रोकी जा सके. आयात महंगा होने के कारण विभिन्न देशों का फॉरेक्स घट रहा है. सर्वाधिक नुकसान चीन को हुआ है. इस सा 1 अप्रैल से लेकर 30 सितंबर तक चीन का फॉरेक्स रिजर्व 159 अरब डॉलर घटा है. इसके बाद भारत और रूस का स्थान है. इस समयावधि में भारत का फॉरेक्स रिजर्व 85 अरब डॉलर और रूस का विदेशी मुद्रा भंडार 64 अरब डॉलर घटा है. आईएमएफ ने कहा है कि वैश्विक मुद्रा भंडारों में कुल 884 अरब डॉलर की गिरावट आई है. बकौल आईएमएफ, पहले सात महीनों में उभरती अर्थव्यवस्थाओं का विदेशी मुद्रा भंडार 6 फीसदी से अधिक गिरा है.

ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|

रेटिंग: 4.58
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 848
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *