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एक सुरक्षित दलाल कौन है?

एक सुरक्षित दलाल कौन है?
Thierry delaporte

फ्री में Netflix यूज करने वालों के लिए बुरी खबर! लॉन्च हो गया नया फीचर, लेना होगा अपना सब्सक्रिप्शन

अब तक ऐसा होता था कि एक दोस्त नेटफ्लिक्स का सब्सक्रिप्शन लेता था और हम 6-7 दोस्त उसी के अकाउंट से नई मूवीज़ और वेब सीरीज़ का लुत्फ़ उठाते थे. पासवर्ड सिर्फ दोस्तों तक नहीं रहता था, बल्कि दोस्तों के दोस्तों तक भी पहुंच जाता था. फिर एक बार पासवर्ड मिल जाने के बाद जब तक उसे वो दोस्त बदल ना दे, हम अपना खुद का सब्सक्रिप्शन लेने का सोचते भी नहीं थे. लेकिन अब शायद आपको सोचना पड़ेगा. नेटफ्लिक्स की तरफ से एक नया फीचर लॉन्च किया गया है, जिससे कि यूजर्स को अपने अकाउंट से उन लोगों को रिमूव करने की सुविधा मिलेगी, जिनसे वो अपना अकाउंट शेयर नहीं करना चाहते.

क्या है ये नया फीचर?

Netflix का मानना है कि बाकी देशों के मुकाबले भारत में कहीं ज़्यादा लोग फ्री में नेटफ्लिक्स चलाते हैं. अकाउंटहोल्डर को इसकी जानकारी हो या ना हो, लोग फ्री में उनका नेटफ्लिक्स अकाउंट चला रहे होते हैं. ऐसे में सिंगल क्लिक में अपने अकाउंट से दूसरे यूजर्स को हटाने का फीचर ले आया है नेटफ्लिक्स. कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट से इस फीचर को इंट्रोड्यूस किया है. Netflix के Account Setting ऑप्शन में एक नया फीचर जोड़ा गया है, जो यह पता लगा सकता है कि किस-किस डिवाइस में उनका अकाउंट लॉग इन किया गया है. इसके बाद अगर अकाउंटहोल्डर चाहे, तो वो उन डिवाइस को हटा सकता है जिनसे उसे अकाउंट शेयर नहीं करना.

लगा पाएंगे लॉगिन एक्टिविटी का भी पता

Netflix ना सिर्फ यूजर्स को हटाने के लिए नया फीचर लाया है, बल्कि अब इसके ज़रिए कौन कौन से डिवाइस में आपका अकाउंट चल रहा है, आप ये भी पता लगा सकते हैं. आमतौर पर तो हम दोस्तों और फैमिली के बीच ही पासवर्ड शेयर करते हैं, एक सुरक्षित दलाल कौन है? लेकिन आपने कभी कहीं बाहर से लॉग इन किया और लॉग आउट करना भूल गए हैं तो ये फीचर मददगार साबित हो सकता है.

Manage Access and Devices Menu के ज़रिये पता लगाया जा सकता है कि यूजर नेटफ्लिक्स अकाउंट कहां, कब और कौन सी डिवाइस पर चला रहा है. नेटफ्लिक्स ने कन्फर्म किया है कि नए फीचर को दुनियाभर में सभी Web, iOS और Android डिवाइस के लिए लागू कर दिया गया है.

Wipro के CEO Thierry Delaporte को मिलती है 79.8 करोड़ रुपये की सैलरी, कई अधिकारी रह गए पीछे

विप्रो के चेयरमैन ऋषद प्रेमजी को कुल 1.82 मिलियन डॉलर का मुआवजा मिला, जबकि जतिन प्रवीणचंद्र दलाल को वित्तीय वर्ष 2022 में 1.59 मिलियन डॉलर का पैकेज मिला.

Thierry delaporte

Thierry delaporte

gnttv.com

  • नई दिल्ली,
  • 10 जून 2022,
  • (Updated 10 जून 2022, 1:14 PM IST)

सलिल पारेख की सलाना सैलरी 71 करोड़ रुपये

वित्त वर्ष 20-21 में 64 करोड़ थी सैलरी

IT Company Wipro के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) थियरी डेलापोर्टे की सैलरी कई गुना बढ़ गई है. थियरी की सैलरी वित्त वर्ष 2022 में बढ़कर 10.51 मिलियन डॉलर (₹ 79.8 करोड़) हो गई है. यह रिपोर्ट कंपनी की US SEC की वार्षिक रिपोर्ट में सामने आई. इस तरह थियरी इंडियन आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाली अधिकारी बन गए हैं.

वित्त वर्ष 20-21 में 64 करोड़ थी सैलरी
उन्होंने वित्तीय वर्ष 2020-21 में $8.7 मिलियन (लगभग ₹64.3 करोड़) का सैलरी पैकेज प्राप्त किया था. पिछले वित्तीय वर्ष में उनका मुआवजा 6 जुलाई, 2020 से 31 मार्च, 2021 तक नौ महीने की अवधि के लिए था. थियरी डेलापोर्टे 6 जुलाई, 2020 से आईटी कंपनी के सीईओ और एमडी हैं. उन्हें एक सुरक्षित दलाल कौन है? आईटी इंडस्ट्री में 27 वर्षों का अनुभव है. विप्रो में शामिल होने से पहले, डेलापोर्टे 1995 से Capegemini में विभिन्न पदों पर कार्य करते थे. सितंबर 2017 से मई 2020 तक वो कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO)रहे.

सलिल पारेख की सलाना सैलरी 71 करोड़ रुपये
दस्तावेज के अनुसार इस बीच, विप्रो के चेयरमैन ऋषद प्रेमजी को कुल 1.82 मिलियन डॉलर का मुआवजा मिला, जबकि जतिन प्रवीणचंद्र दलाल को वित्तीय वर्ष 2022 में 1.59 मिलियन डॉलर का पैकेज मिला. इसकी तुलना में, इंफोसिस के सीईओ सलिल पारेख को वित्त वर्ष 2022 में स्टॉक विकल्प सहित कुल 71 करोड़ का मेहनताना मिला, जबकि भारत की शीर्ष आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड (TCS) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश गोपीनाथन को ₹ 25.8 करोड़ का मुआवजा मिला.

मार्च 2022 की चौथी तिमाही में, विप्रो लिमिटेड ने अपने कंसोलिडेट लाभ में 4% की वृद्धि के साथ ₹3,092.5 करोड़ की वृद्धि दर्ज की थी. वहीं एक साल पहले इसी अवधि में ₹2,974 करोड़ की वृद्धि हुई थी. बेंगलुरु स्थित कंपनी का समेकित राजस्व (consolidate revenue)28% बढ़कर ₹16,245 करोड़ से ₹20,860 करोड़ हो गया.

विप्रो की तरह ही इंफोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज भी भारतीय आईटी कंपनियां हैं. इनमें से विप्रो और इंफोसिस के हेडक्वाटर बेंगलुरू में जबकि टीसीएस का हेडक्वाटर मुंबई में स्थित है. आईटी क्षेत्र में इन तीनो कंपनियों में जबरदस्त टक्कर रहती है.

नीता अंबानी की बहन हैं उनसे भी सुंदर, जानिए उनकी मां और बहन के बारे में ये बातें

एशिया के दूसरे सबसे अमीर बिज़नेसमेन मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी की बहन उनसे भी ज्यादा खूबसूरत हैं। लेकिन वो कौन हैं और नीता अंबानी की मां के बार.

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एशिया के दूसरे सबसे अमीर बिज़नेसमेन मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी की बहन उनसे भी ज्यादा खूबसूरत है। नीता अंबानी की सिस्टर यू तो लाइमलाइट से दूर ही रहती हैं लेकिन आकाश अंबानी की शादी के कुछ समय बाद से उनकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। ईशा अंबानी ने अपनी शादी के बाद एक मैगज़ीन को दिए इंटरव्यू में भी कहा था कि वो अपनी मासी के बहुत करीब हैं। नीता अंबानी और उनकी बहन से भी ज्यादा खूबसूरत उनकी मां पूर्णिमा दलाल है। आप नीता अंबानी की मां की तस्वीर देखकर ये आसानी से समझ जाएंगी कि दोनों बहनों को ये खूबसूरती उनकी मां से ही मिली है। नीता अंबानी किसी बिज़नेस फैमिली से नहीं बल्कि एक साधारण मिडल एक सुरक्षित दलाल कौन है? क्लास फैमिली से ही थी। उनकी परवरिश और उनके माता-पिता के दिए संस्कारों ने भी धीरूभाई अंबानी को नीता को अपने घर की एक सुरक्षित दलाल कौन है? बहू बनाने के लिए मजबूर किया था।

नीता अंबानी से 4 साल छोटी हैं ममता दलाल

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नीता अंबानी की बहन का नाम ममता दलाल हैं जो उनके उम्र में 4 साल छोटी हैं। धीरुभाई अंबानी की बहू नीता अंबानी को देश में ही नहीं विदेशों ंमें भी लोग खूब जानते हैं लेकिन उनकी बहन ममता दलाल की बात करें तो वो इन सब तरह की लाइमलाइट से बेहद दूर रहना ही पसंद करती हैं। खूबसूरती की बात करें तो जब से सोशल मीडिया पर ममता दलाल की फोटो शेयर हुई है उनकी खूबसूरती को नीता अंबानी से कम्पेयर किया जा रहा है।

नीता अंबानी की बहन ममता दलाल टीचर हैं

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सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि नीता अंबानी से भी खूबसूरत उनकी बहन ममता दलाल है। ममता दलाल का नाम तो आपने जान लिया उनकी तस्वीर भी आपने देख ली लेकिन क्या आप जानती हैं कि ममता दलाल क्या करती हैं। अगर नहीं तो हम आपको बताते हैं। नीता अंबानी की बहन उन्ही के स्कूल में टीचर हैं।

इन बॉलीवुड सेलिब्रिटी के बच्चों को पढ़ा चुकी हैं ममता दलाल

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धीरुभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल में ममता दलाल सिर्फ टीचर ही नहीं है बल्कि वो स्कूल का एडमिन डिपार्टमेंट भी देखती हैं। इतना ही नहीं देश के सबसे बड़े क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर और शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान को भी ममता दलाल पढ़ा चुकी हैं। इसके अलावा वो ऐश्वर्या, रवीना टंडन, ऋतिक रोशन और चंकी पांडे के बच्चों को भी पढ़ा चुकी हैं।

जमीन दलालों ने चास अंचल में फर्जी एनओसी बनाकर बेच दी लाखों की वन भूमि

जमीन दलालों ने चास अंचल में फर्जी एनओसी बनाकर बेच दी वन लाखों की वन भूमि

Bokaro : बोकारो के चास अंचल में जमीन दलालों का मन इतना बढ़ गया है, कि उन्होंने वन भूमि को भी नहीं छोड़ा. दलालों ने वन विभाग के जिस भूखंड को बेचा है, वह चास अंचल के बांधघोड़ा मौजा में है. इसका थाना नंबर 35, खाता संख्या 28 और प्लॉट संख्या 978 है. जमीन का कुल रकबा 21.88 एकड़ है. इस जमीन की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कर दी गयी है. बांधगोड़ा में वन विभाग की अनुसूचित सीमांकन व सुरक्षित वन भूमि 4.76 एकड़ है. इसके बावजूद चंद्रदीप कुमार व कुलदीप कुमार, सकलदीप कुमार व रिश्तेदार राज कुणाल द्वारा इसमें से एक एकड़ जमीन को गलत तरीके से पावर ऑफ अटॉर्नी और जाली आधार कार्ड बनाकर 20 से ज्यादा लोगों को बेच दिया है. गौर करने की बात यह है कि अवैध तरीके से बेची और निबंधित की गयी वन भूमि की जमाबंदी भी कर दी गयी है. बिना रजिस्ट्री और अंचल कार्यालय की मिलीभगत के ऐसा कर पाना संभव नहीं है.

वन विभाग की फर्जी एनओसी

चंद्रदीप ने वन भूमि बेचने के लिए डीएफओ, बोकारो के जाली एनओसी (492, दिनांक 27 दिसंबर, 2014) का उपयोग किया है. इसकी जानकारी मिलने के बाद डीएफओ ने अपने पत्रांक-3654, दिनांक 17.12.2019 के जरिये कहा है कि उनके कार्यालय से पत्रांक संख्या-492, दिनांक 17.12.2014 निर्गत नहीं किया गया है. यह कथित एनओसी फर्जी है.

वन विभाग ने लिखा उपायुक्त को पत्र

वन प्रमंडल पदाधिकारी, बोकारो ने उपायुक्त बोकारो को पत्र लिखकर बताया है कि मौजा बांधगोंडा अंतर्गत थाना नंबर-35, प्लॉट नंबर 978 की वन भूमि की फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बना कर बिक्री की गयी है. विभाग ने जमाबंदी को रद्द करने के लिए भी लिखा है. इस बारे में चास के वन क्षेत्र पदाधिकारी ने अंचल एक सुरक्षित दलाल कौन है? अधिकारी को बिक्री की गयी वन भूमि की जमाबंदी रद करने के लिए लिखा था. इसके आलोक में सीओ ने अखबारों में विज्ञापन देकर उक्त जमीन की खरीद-बिक्री करने वाले लोगों को अपना पक्ष रखने को भी कहा गया था. लेकिन अभी तक न तो जमाबंदी रद्द होने की सूचना है और न ही वन भूमि की खरीद-बिक्री करनेवालों पर किसी तरह की कार्रवाई की जानकारी है.

ऐसे लिया गया पावर ऑफ अटॉर्नी

वन भूमि हड़पने के उद्देश्य से जमीन दलाल चंद्रदीप कुमार ने उक्त जमीन के मूल रैयत के वंशज अशोक शर्मा की जगह अपने भाई कुलदीप कुमार को अशोक शर्मा बना दिया. कुलदीप कुमार ने अशोक शर्मा बनकर 1 एकड़ वन भूमि की फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी चंद्रदीप कुमार के नाम लिख दी. यही नहीं, फर्जी पीओए के आधार पर चंद्रदीप ने अपने छोटे भाई सकलदेव कुमार और रिश्तेदार राज कुणाल को गवाह भी बना दिया. हैरानी की बात तो यह है कि फर्जी पीओए बनाते समय जमीन में मूल रैयत अशोक शर्मा की जमीन ही नहीं बची थी. इसके अलावा चंद्रदीप ने पावर 1 एकड़ जमीन का लिया था, मगर उसने 1.29 एकड़ जमीन बेच दी.

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इस डीड से बेची गयी जमीन

डीड संख्या 4753 से 6 डिसमिल, 6928 से 6 डिसमिल, 105/2015 से 20 डिसमिल, 1177/2015 से 28 डिसमिल, डीड संख्या 1178/15 से 6 डिसमिल, डीड संख्या 1179/15 से 6 डिसमिल, डीड संख्या 1180/15 से 6 डिसमिल, डीड संख्या 1728/15 से 11 डिसमिल, डीड संख्या 2614/15 से 6 डिसमिल तथा डीड संख्या 3431/2015 से 6 डिसमिल जमीन विभिन्न लोगों को रजिस्ट्री कर दी गयी है.

इन्होंने खरीदी है जमीन

चंद्रदीप कुमार द्वारा बेची गयी जमीन के खरीदार कुंवर जी पांडेय, रीता कुमारी, सुनीता सिन्हा, आशा देवी, दामोदर सिंह, रेणु सिन्हा, प्रशांत चंद्रवंशी, बासुदेव, चंद्र किशोर झा, सुनीता सिन्हा आदि हैं.

रैयत ने कहा – मेरे नाम का हुआ गलत इस्तेमाल

रैयत अशोक को जब इस फर्जीवाड़े का पता चला तो उसने एक साल बाद बोकारो एसपी को एक पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगायी. एसपी के निर्देश पर पिंड्राजोड़ा थाना कांड संख्या 104/18 दर्ज किया गया. वन विभाग ने भी केस किया. लेकिन पुलिस अभी तक यह पता नहीं कर पायी है कि असली अशोक शर्मा कौन है. संयोग की बात है कि असली अशोक शर्मा इसी मामले में चास जेल में बंद थे. अभी वह जमानत पर बाहर हैं, वहीं नकली अशोक शर्मा उर्फ कुलदीप कुमार बैंक फ्रॉड के एक मामले में चास जेल में बंद है.

Top trending stock: पहले घंटे में ही आठ परसेंट उछल गया Timken India का शेयर, जानिए क्यों आ रही है उछाल

नवभारत टाइम्स लोगो

नवभारत टाइम्स 21 घंटे पहले

मुंबई:

गुरुवार को सबसे ज्यादा तेजी दिखाने वाले शेयरों में Timken India भी शामिल रही। स्ट्रॉन्ग बाइंग एक्टिविटी के कारण शुरुआती कारोबार में इस कंपनी के शेयरों में आठ फीसदी से अधिक तेजी देखने को मिली। कंपनी ने Spherical Roller Bearings, Cylindrical Roller Bearings और उससे जुड़े कंपोनेंट्स बनाने के लिए गुजरात के भरूच में एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बनाने की घोषणा की है। इससे कंपनी की प्रॉडक्टिविटी बढ़ेगी और कंपनी के मार्जिनल कॉस्ट में भी सुधार होगा। यही वजह है कि कंपनी में फ्रेश बाइंग इंटरेस्ट दिख रहा है। इसके वॉल्यूम में भारी तेजी देखने को मिली है।

टेक्निकली इस स्टॉक ने टेक्निकल चार्ट पर वी-शेप्ड रिकवरी बनाई है। यह अपने हालिया स्विंग लो से 20 फीसदी चढ़ चुका है और अभी अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। गुरुवार को इसका वॉल्यूम 10 दिन, 30 दिन और 50 दिन के एवरेज वॉल्यूम से अधिक एक सुरक्षित दलाल कौन है? है। इसका 14 दिन की अवधि का डेली RSI (63.07) बुलिश टेरिटरी में प्रवेश कर चुका है और आगे इसमें स्ट्रॉग स्ट्रेंथ का इशारा दे रहा है। इसका MACD बुलिश क्रॉसओवर का संकेत दे चुका है जो इसमें पॉजिटिव धारणा दिखा रहा है। इसका OBV पीक पर है और मजबूत स्ट्रेंथ दिखा रहा है। कुल मिलाकर यह स्टॉक टेक्निकली स्ट्रॉन्ग बन चुका है और आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आने की उम्मीद है। इस साल यह शेयर अब तक अपने निवेशकों को 60 फीसदी से अधिक रिटर्न दे चुका है। कंपनी की विस्तार की आक्रामक योजना है और साथ ही इसमें निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है। इसलिए आने वाले दिनों में यह शेयर आपके रडार पर होना चाहिए।

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